अयोध्या। नगर निगम के निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्धारित समयसीमा से एक माह से अधिक विलंब करने वाली कार्यदाई संस्थाओं पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाए। इसके बावजूद कार्य पूरा न करने पर संबंधित संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम कार्यालय में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर विशेष जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने की। नगर आयुक्त ने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान की भी समीक्षा की गई। समन शुल्क की वसूली को अपेक्षा से कम बताते हुए नगर आयुक्त ने प्रवर्तन दल को इस दिशा में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार बीते वर्ष समन शुल्क के रूप में 2.20 लाख रुपये की वसूली हुई, जबकि प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ अभियान से 11 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
शहर के विकास से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। आर्य मंदिर चौक के पास खाली कराई गई अवैध प्लाटिंग की जमीन पर पार्किंग विकसित करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने नगर निगम की परिसंपत्तियों—जैसे भवन, सड़क, नाली व पार्कों—के अनुरक्षण पर खर्च बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही पार्कों की देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती, खुले बाजारों के विकास के लिए रेलिंग, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और कूड़ेदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा नगर निगम की दुकानों का किराया संशोधित करने, संपत्तियों का चिह्नीकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाने और संपत्ति रजिस्टर को अद्यतन करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय, सहायक अभियंता राजपति यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।