@ बिपिन सिंह,
पूरा बाजार, अयोध्या । रामायण युग में सीता हरण के समय दशरथ सखा गिद्धराज जटायु ने निस्वार्थ साहस दिखाते हुए लंका पति रावण से भयंकर युद्ध किया परंतु रावण ने उनके पंख काट दिए | खूनसे लटपत मरणासन्न जटायु ने राम को सीता के अपहरण और लंका की दिशा के बारे में बताया और उनकी गोद में अपने प्राण त्यागे , जिस पर राम ने उन्हें पिता राजा दशरथ के समान सम्मान दिया और अंतिम संस्कार किया , जो उनके करुणामय चरित्र को दर्शाता है ।
यह बात ग्राम पंचायत सरायरासी में जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह व भाजपा नेता आलोक सिंह रोहित के संयुक्त संयोजन में चल रहे श्रीकथा महोत्सव में व्यासपीठाधीश्वर अंतर्राष्ट्रीय संत स्वामी गोविंद देव गिरीजी ने बताते हुए कहा कि इस श्रीराम के करुणा से ही जटायु को परमधाम की प्राप्ति हुई श्रीराम ने उन्हें अपना ऋणी स्वीकार किया और जटायु के बलिदान को अमर कर दिया ।
अन्त में प्रख्यात राम कथा वाचक स्वामी गोविंददेव गिरी ने बताया कि जटायु का बलिदान धर्म के लिए सर्ववस्व न्यौछावर करने का एक सर्वोच्च उदाहरण है और राम द्वारा उनका अंतिम संस्कार उनके प्रति अटूट समर्पण को दिखाता है ।
इस धार्मिक अनुष्ठान के संयोजक भाजपा नेता आलोक सिंह रोहित ने सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हृदय से आभार व्यक्त करते हुए बताया कि आज इस श्रीराम कथा महोत्सव स्थल से कथा प्रसंग के मुताबिक अयोध्या के पांच प्रवेश द्वारों में सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रवेशद्वार ‘जटायु द्वार ‘ का युद्ध स्तर पर निर्माण करा रही है । जो गेट काम्प्लेक्स के रुप में पर्यटन सुविधाओं से लैस रहेगा ।
धार्मिक अनुष्ठान के प्रमुख कर्ताधर्ता राधवेन्द्र प्रताप सिंह अंकुर ने बताया कि नित्य की तरह आज भी आलोक सिंह रोहित के संयोजन में व्यासपीठाधीश्वर की आरती उतार कर आशिर्वाद लेने वालों में कृषिमंत्री/ प्रभारीमंत्री सूर्य प्रताप शाही , अयोध्या निवर्तमान जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल , निवर्तमान महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा , महापौर गिरीश पति त्रिपाठी , सहकारी बैंक के सभापति धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू , सुधीर सिंह मुन्ना , नंद कुमार सिंह अनिल , अवधेश सिंह , नरेन्द्र काका , राघुराज सिंह बाबा , एकादशी सिंह ,राज नारायण सिंह , सुनील सिंह मुन्ना तथा अजय कुमार सिंह आदि ने माथा नवां कर पुष्प अर्पित किया ।