अयोध्या। सरयू नहर कॉलोनी निवासी साधु राम इन दिनों बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से खासे परेशान हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके ऊपर लाखों रुपये का बिजली बिल थोप दिया गया है, जिससे उनकी दिन-रात की नींद उड़ी हुई है। बीते पांच महीनों से वह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।
साधु राम ने बताया कि उन्होंने अपने घर पर ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए 24 किलोवाट का विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है। पहले उनका मासिक बिजली बिल 25 से 30 हजार रुपये के बीच आता था। 17 अक्टूबर 2025 को उनके परिसर में स्मार्ट मीटर लगाया गया, जिसके बाद से मीटर की रीडिंग अनियमित होने लगी। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
फरवरी 2026 में अचानक उन्हें 72 लाख 98 हजार 270 रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया, जबकि उन्होंने नवंबर 2025 में 26 हजार 52 रुपये का बिल जमा किया था। मामले को लेकर उन्होंने अधिशासी अभियंता से शिकायत की, जिस पर अवर अभियंता ने रिपोर्ट लगाकर बिल को होल्ड कर दिया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। थक-हारकर साधु राम ने 27 फरवरी को आइजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, पर वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इस बीच विभाग ने उनके मोबाइल पर 75 लाख 98 हजार 74 रुपये जमा करने का संदेश भेजते हुए 23 अप्रैल तक का समय दिया है।
पीड़ित ने बताया कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह किससे न्याय की गुहार लगाएं। वहीं अधीक्षण अभियंता विनय कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी पर बात नही हो पाई।