Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या सीएसआर कॉन्क्लेव 2025 का हुआ आयोजन, 70 आंगनबाड़ी केंद्रों का वर्चुअल शिलान्यास

सीएसआर कॉन्क्लेव 2025 का हुआ आयोजन, 70 आंगनबाड़ी केंद्रों का वर्चुअल शिलान्यास

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अयोध्या। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में सीएसआर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी योजना से वित्तपोषित 70 नवसृजित आंगनबाड़ी केंद्रों का वर्चुअल शिलान्यास किया गया।
कॉन्क्लेव में आईआरएफसी, कोलगेट पामोलिव, सिग्नीफाई इंडिया (फिलिप्स), पीजीसीआईएल समेत कई कॉरपोरेट इकाइयों ने जिला प्रशासन के साथ एमओयू किए। किशोरी बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन देने और बालिका स्वास्थ्य को लेकर जनजागरूकता का संकल्प लिया गया।
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रशिक्षण और मूल्यांकन पर जोर देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी ही बच्चों के संस्कार और स्वास्थ्य की बुनियाद हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी स्तर पर आंगनबाड़ी कार्य की मॉनिटरिंग और स्टडी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया।
कॉन्क्लेव में जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि सीएसआर प्रयासों के तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए फर्नीचर, खिलौने, लर्निंग सामग्री, भवन सौंदर्यीकरण और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोलगेट पामोलिव द्वारा 2.38 लाख बच्चों को डेंटल हेल्थ किट, सिग्नीफाई इंडिया द्वारा 58 ग्रामसभाओं को स्ट्रीट लाइट, और पका समूह द्वारा बालिकाओं के लिए सेनेट्री पैड मशीनें दी जाएंगी।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों व कंपनियों को सम्मानित किया गया। अंत में राज्यपाल ने प्रतीकात्मक रूप से स्मार्ट बोर्ड, बंक बेड, स्ट्रीट लाइट और सेनेट्री मशीनों का वितरण किया।


खिलाड़ियों को सम्मान, विद्यार्थियों को प्रेरणा



राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने फार्मेसी भवन के हाल में आयोजित खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। अवध विश्वविद्यालय प्रतियोगिता के महिला एवं पुरुष वर्ग के कुल 14 विजेता खिलाड़ियों और उनके कोचों को स्मृति चिन्ह एवं नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। स्वर्ण पदक विजेताओं को 30,000, रजत पदक विजेताओं को 15,000 का पुरस्कार दिया गया। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और देश के विकास में सहभागी बनने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा, खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि चरित्र निर्माण में भी सहायक होते हैं।

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