Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या विवाद में फंसा आंगनबाड़ी व आरआरसी सेंटर निर्माण

विवाद में फंसा आंगनबाड़ी व आरआरसी सेंटर निर्माण

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◆ हाईकोर्ट ने डीएम को तीन सप्ताह में निर्णय का दिया निर्देश


अयोध्या। अमानीगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत पूरा उर्फ सुमेरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र और आरआरसी सेंटर का निर्माण प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय विवाद में उलझ गया है। ग्राम प्रधान आदर्श श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उसे विवादित बनाकर रोक दिया गया, जबकि विरोध करने वाली महिला के पास पहले से ही कई मकान और जमीन है।

शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्राम प्रधान आदर्श श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2025 में ग्राम पंचायत की बैठक में आरआरसी सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए गाटा संख्या 1189 ग पर प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ और भवन की दीवारें खड़ी कर दी गईं। ग्राम प्रधान का आरोप है कि गांव की मंजू पासी और कुछ अन्य लोगों ने दीवारों को गिरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंजू पक्ष की ओर से ग्राम प्रधान, उनके भाइयों और मनरेगा के तहत कार्य कर रहे मजदूरों के खिलाफ कुमारगंज थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए।

ग्राम प्रधान का आरोप है कि मंजू पासी द्वारा गांव सभा की कई जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया है। उनके अनुसार घूर गड्ढे की गाटा संख्या 1187 की 0.95 हेक्टेयर भूमि, नवीन परती गाटा संख्या 1195 की 0.25 हेक्टेयर भूमि तथा चकमार्ग गाटा संख्या 1183 पर भी कब्जा किया गया है। इसके अलावा गांव सभा की आबादी गाटा संख्या 1243 में लगभग 3600 वर्गफुट क्षेत्र में मकान बना लिया गया है, जबकि अन्य ग्रामीणों के मकान इससे काफी छोटे हैं।

प्रधान के मुताबिक मंजू के पति रामप्रकाश के नाम भी राजस्व अभिलेखों में लगभग एक एकड़ जमीन संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद सीलिंग की जमीन गाटा संख्या 1189 में लगभग 1.4830 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब तीन दर्जन मकान बने हुए हैं और लगभग दो बीघा जमीन खाली पड़ी है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र और आरआरसी सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था।

ग्राम प्रधान का कहना है कि तहसील, विकास खंड कार्यालय और जिला स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका तो उन्होंने सितंबर 2025 में उच्च न्यायालय में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी अयोध्या को तीन सप्ताह के भीतर नियमानुसार निर्णय लेकर निर्माण कार्य शुरू कराने के संबंध में आदेश देने का निर्देश दिया है। जिसमें उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर ने सभी पक्षों को 9 मार्च को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है।

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