आलापुर, अंबेडकर नगर। जहांगीरगंज थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई करीब 17 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के बाद नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मातहतों को शीघ्र खुलासे के सख्त निर्देश दिए। बावजूद इसके, घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे नेवारी दूराजपुर गांव निवासी कपड़ा व्यापारी मोहम्मद रईस और उनके साथी मुंडेरा गांव निवासी मोहम्मद जलाल कहीं जा रहे थे। इसी दौरान स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचे के बल पर लूटपाट शुरू कर दी। बदमाशों ने पहले मोहम्मद जलाल के सिर पर तमंचे के बट से हमला किया, फिर मोहम्मद रईस से हाथापाई करते हुए उनके सिर पर भी वार किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों ने डर फैलाने के लिए फायरिंग भी की। इस दौरान रईस के पैर में गोली के छर्रे लगने की भी बात सामने आई है। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से आसपास के लोग सहम गए और किसी की हिम्मत नहीं हुई कि पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए।
घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस पुलिस चौकी के पास यह वारदात हुई, वहां ताला लटका मिला। पीड़ित जब मदद के लिए चौकी पहुंचे तो चौकी प्रभारी समेत कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। सुरक्षा के नाम पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को कुछ महीने पहले ही हटवा दिया गया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि यह महज लापरवाही है या फिर किसी बड़ी साजिश की भूमिका तैयार की जा रही थी।
फिलहाल, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है, जबकि पुलिस की कार्यशैली पर लोगों का भरोसा लगातार कमजोर होता नजर आ रहा है।