अंबेडकर नगर। कटेहरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मंशापुर के निवासी राममिलन निषाद ने गांव के कोटेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कोटेदार हर माह राशन वितरण में मनमानी करता है और तय मात्रा से कम राशन देकर लाभार्थियों के अधिकारों का हनन करता है।
राममिलन का आरोप है कि जब इस कटौती का विरोध किया जाता है तो कोटेदार यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि उसे सप्लाई इंस्पेक्टर को हर महीने रिश्वत देनी पड़ती है, और उसी की भरपाई के लिए राशन में कटौती की जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
चर्चा है कि राशन वितरण के दौरान गांव में तैनात होने वाले निगरानी अधिकारी भी कभी मौके पर उपस्थित नहीं रहते, जिससे कोटेदार को मनमानी करने की पूरी छूट मिल जाती है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए कोटेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। इस सम्बन्ध में जब जिला पूर्ति अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका