अयोध्या। अयोध्या कोतवाली क्षेत्र में 85 वर्षीय बुजुर्ग महंत रामरतन दास महाराज के आश्रम पर कब्जा किए जाने के आरोपों को लेकर महंत रामरतन दास और संत दामोदर दास ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने स्थानीय कोतवाल को 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आरोप है कि अयोध्या के खाक चौक, सरयू नगर कॉलोनी स्थित फटिक शिला आश्रम के पीछे स्थित आश्रम का निर्माण कराने वाले महंत रामरतन दास महाराज की वृद्धावस्था का लाभ उठाते हुए सुरेश यादव ने कथित रूप से आश्रम की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इसके बाद उक्त संपत्ति को रामेश्वर नाथ मिश्र को बेच दिया गया।
महंत रामरतन दास महाराज का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में न्यायालय में रजिस्ट्री निरस्तीकरण का वाद दायर किया है, जिस पर अदालत ने 3 जनवरी 2026 तक स्थाई स्थगन आदेश जारी किया है। इसके बावजूद आरोप है कि सुरेश यादव और रामेश्वर नाथ मिश्र ने 20 से 25 लोगों के साथ मिलकर आश्रम पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। संत दामोदर दास ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में कोतवाली पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है और विपक्षियों से मिलीभगत कर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।