निजी चिकित्सालय में शल्य के उपरांत बिगड़ी प्रसूता की हालत,मौत, परिजनों ने जमकर काटा हंगामा
दो घंटे बाद रात के दस बजे प्रसूता की तवियत बिगडने लगी और रक्त श्राव शुरू हो गया। इस बीच यहां मौजूद चिकित्सक ने कहा कि खून की कमी है परिजनों से 50 हजार रुपये की मांग की गयी । प्रसूता के ससुर लाल बहादुर गौड़ ने बताया कि यहां मौजूद अस्पताल कर्मियो को पैसा दिया तत्पश्चात एक बार फिर पुनः ऑपरेशन थियटर में ले गये। चंद ही मिनट बाद चिकित्सक ने कहा कि मरीज की हालत नाजुक हो रही है इसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा और परिजनों ने बताया कि चिकित्सक ने ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की और साथ मे लखनऊ के लिए निकले। जहां रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गयी। मौत होने के बाद चिकित्सक छोड़कर फरार हो गया। परिजन अस्पताल पहुंचे तो हंगामा शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हुई है। बुधवार सुबह लोगों ने अस्पताल को सैकड़ों की संख्या मे घेरकर हंगामा शुरू कर दिए। हंगामा को देख सभी अस्पताल कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर प्रशासन व स्वस्थ्य विभाग का महकमा जब अस्पताल पहुंचा तो सब नदारत रहे । मौके पर सिर्फ गेट मैन दिनेश ही मौजूद रहा। मौके पर मौजूद उपमुख्य चिकित्साधिकारी मार्कडेंय, तहसीलदार संतोष कुमार, क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार मौर्य कोतवाल संतोष कुमार सिंह अधीक्षक जयप्रकाश आदि पहुंचकर अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सील कर दिया । अधीक्षक डॉक्टर जयप्रकाश ने कहा तहरीर देकर अस्पताल संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। क्षेत्राधिकार देवेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि अभी तक पीड़ितों की तरफ से तहरीर नहीं मिली है तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।