अयोध्या। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर रामनगरी अयोध्या में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों को भव्य रूप दिया जा रहा है। वहीं, त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पंडालों में पुलिस के साथ महिला पुलिसकर्मियों और वॉलंटियर की तैनाती की जाएगी। मूर्ति विसर्जन के दौरान घाटों पर एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर मुस्तैद रहेंगे, जबकि ड्रोन के जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
डीआईजी अयोध्या रेंज सोमेन बर्मा ने बताया कि अयोध्या मंडल के पांचों जिलों में इस बार करीब 10 हजार दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। सभी प्रमुख पंडालों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस, पीएसी और सिविल पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी तैयार रहेंगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय रहेगी। सार्वजनिक स्थलों और पूजा पंडालों के आसपास शरारती तत्वों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही मूर्ति विसर्जन के दौरान नदियों और घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
धार्मिकआस्थाकेविविधस्वरूपोंकेहोंगेदर्शन
इस बार अयोध्या की दुर्गा पूजा में श्रद्धा और भक्ति के विविध स्वरूप देखने को मिलेंगे। शहर के पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। फतेहगंज स्थित राम जानकी मंदिर में पहली बार नीम करोली बाबा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के साथ नीम करोली बाबा और बर्फानी बाबा के दर्शन का अवसर मिलेगा।
डीजेकीआवाजपरभीरहेगीनजर
त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन ने डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित मानकों के अनुरूप ही आवाज रखने के निर्देश दिए हैं। कुछ दुर्गा पूजा समितियों ने इस बार डीजे का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है। पुलिस-प्रशासन का उद्देश्य नवरात्र और दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।