◆ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवध विश्वविद्यालय को सौंपी 44.80 लाख की परियोजना
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में स्थित सरयू प्रयोगशाला अब वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण पर काम करेगी। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ₹44.80 लाख की महत्वपूर्ण शोध परियोजना स्वीकृत की गई है।
यह परियोजना कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में संचालित की जा रही है। इसके तहत अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जनपदों में वायु गुणवत्ता पर बारीकी से निगरानी की जाएगी।
वायु गुणवत्ता अनुश्रवण समिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुए डॉ. विनोद चौधरी ने बताया कि चयनित जिलों में दो-दो मानक मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे—एक आवासीय क्षेत्र में और एक औद्योगिक क्षेत्र में। यहाँ पीएम 10, पीएम 2.5, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे तत्वों का नियमित परीक्षण किया जाएगा।
परियोजना के लिए विश्वविद्यालय को करीब ₹50 लाख के उपकरण भी प्राप्त होंगे। निगरानी कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए 16 विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी, जिसमें शोध सहायक और फील्ड सहायक शामिल होंगे। चयन प्रक्रिया योग्यता और अनुभव के आधार पर होगी।
डॉ. चौधरी ने बताया, “इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े एकत्र करना नहीं, बल्कि वायु प्रदूषण के प्रभावों को समझकर उसके समाधान के लिए ठोस नीति बनाना है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।”
परियोजना के समन्वय हेतु पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, और नियमित समीक्षात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर डॉ. नवीन पटेल, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. शाजिया, बृजेश यादव, अदिति बरनवाल, आकांक्षा यादव, सौरभ कुमार और राजकुमार उपस्थित रहे।