अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में स्थित सरयूप्रयोगशाला अब वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण पर काम करेगी। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग को उत्तरप्रदेशप्रदूषणनियंत्रणबोर्ड द्वारा ₹44.80 लाख की महत्वपूर्णशोधपरियोजना स्वीकृत की गई है।
यह परियोजना कुलपति कर्नलडॉ. बिजेंद्रसिंह के निर्देशन में संचालित की जा रही है। इसके तहत अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बहराइचऔरश्रावस्ती जनपदों में वायु गुणवत्ता पर बारीकी से निगरानी की जाएगी।
वायुगुणवत्ताअनुश्रवणसमिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुए डॉ. विनोदचौधरी ने बताया कि चयनित जिलों में दो-दो मानकमॉनिटरिंगस्टेशन स्थापित किए जाएंगे—एक आवासीयक्षेत्र में और एक औद्योगिकक्षेत्र में। यहाँ पीएम 10, पीएम 2.5, सल्फरडाइऑक्साइडऔरनाइट्रोजनडाइऑक्साइड जैसे तत्वों का नियमित परीक्षण किया जाएगा।
परियोजना के लिए विश्वविद्यालय को करीब ₹50 लाखकेउपकरण भी प्राप्त होंगे। निगरानी कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए 16 विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी, जिसमें शोधसहायक और फील्डसहायक शामिल होंगे। चयन प्रक्रिया योग्यताऔरअनुभव के आधार पर होगी।
डॉ. चौधरी ने बताया, “इसपरियोजनाकाउद्देश्यसिर्फआंकड़ेएकत्रकरनानहीं, बल्किवायुप्रदूषणकेप्रभावोंकोसमझकरउसकेसमाधानकेलिएठोसनीतिबनानाहै।इससेलोगोंकेस्वास्थ्यऔरजीवनस्तरमेंभीसुधारआएगा।”
परियोजना के समन्वय हेतु पर्यावरणविभाग और प्रदूषणनियंत्रणबोर्ड के बीच सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, और नियमितसमीक्षात्मकबैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर डॉ. नवीनपटेल, डॉ. अरविंदकुमार, डॉ. शाजिया, बृजेशयादव, अदितिबरनवाल, आकांक्षायादव, सौरभकुमार और राजकुमार उपस्थित रहे।