◆ महिला पार्षदों ने उपलब्धियां गिनाईं, योजनाओं और भागीदारी पर विस्तृत चर्चा
अयोध्या। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक संसद में पारित न होने के मुद्दे पर नगर निगम के विशेष सत्र राजनीतिक रूप से काफी गरमाया रहा। गांधी सभागार में आयोजित बैठक में सत्तापक्ष के पार्षदों ने विपक्षी दलों पर तीखे आरोप लगाए और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन न करने को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया। इस दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
सत्र की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन पार्षद अर्चना श्रीवास्तव ने संभाला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन का पारित न होना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उनके अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि कुछ दल महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में नहीं हैं।
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पार्षद गरिमा मौर्य ने केंद्र सरकार की पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने का विरोध सामाजिक प्रगति में बाधा है। वहीं पार्षद मनीषा यादव ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर चुकी हैं, ऐसे में उनके अधिकारों को सीमित करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सत्र के दौरान नगर निगम द्वारा महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं और कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया। इसमें शक्ति रसोई, आवास योजना, सोलर दीदी योजना, स्वच्छ अयोध्या अभियान में महिलाओं की भागीदारी, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, कौशल्या सदन, वर्किंग वूमेन हॉस्टल और पिंक टॉयलेट योजना जैसी पहलें प्रमुख रहीं। साथ ही सेनेटरी वेंडिंग मशीन, इंसीनरेटर, महिला पार्षदों के लिए पृथक कक्ष, प्रधानमंत्री सुनिधि योजना के तहत ऋण वितरण और अमृत सखी योजना के जरिए प्रशिक्षण जैसे प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
बैठक में विभिन्न पार्षदों ने अपने विचार रखते हुए महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उपसभापति संतोष सिंह, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।