अयोध्या। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दो अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी खाद्य क्षेत्र द्वितीय, मिल्कीपुर बचेसिंहडोलिया द्वारा 28 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत डीली सरैया, विकास खण्ड अमानीगंज, तहसील मिल्कीपुर स्थित उचित दर दुकान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि जनवरी व फरवरी 2026 के वितरण के बाद दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न की तुलना में 42.476 कुंतलगेहूंव 64.014 कुंतलचावल का स्टॉक कम था। मौके पर अपेक्षित मात्रा न मिलने से स्पष्ट हुआ कि खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई है। इस मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर संतोष कुमार उचित दर विक्रेता के विरूद्ध थाना खण्डासा में एफआईआर दर्ज कराई गई।
इसी प्रकार पूर्ति निरीक्षक पूजासिंह द्वारा 29 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत फतेहपुर सरैया, विकास खण्ड मसौधा, तहसील सोहावल स्थित उचित दर दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच में एमआईएस रिपोर्ट के अनुसार स्टॉक की तुलना में कुल 87.61 कुंतलखाद्यान्न कम पाया गया। इसके अतिरिक्त कार्डधारकों के बयानों से यह भी सामने आया कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया गया, ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद राशन नहीं दिया गया, अंत्योदय कार्डधारकों को कम चीनी दी गई और अधिक मूल्य वसूला गया।
उक्त अनियमितताएं उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध हैं। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद विक्रेता भाग्यदेई के विरुद्ध थाना कैंट में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह जानकारी जिला पूर्ति अधिकारी बृजेशकुमारमिश्रा ने दी।