◆ रामपथ की सफाई में गड़बड़ी का आरोप, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
अयोध्या। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों के बीच सोमवार को सफाई व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। अशोक सिंघल नगर वार्ड के पार्षद अंकित त्रिपाठी के नेतृत्व में कई पार्षद नगर निगम के जोनल कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठकर सफाई कार्यों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।
धरना दे रहे पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और सफाई कार्यों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही एजेंसी कार्यों में गंभीर लापरवाही बरत रही है, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
पार्षदों ने विशेष रूप से रामपथ की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नयाघाट से सहादतगंज तक करीब 15 किलोमीटर लंबे मार्ग की सफाई के नाम पर 28 किलोमीटर का भुगतान लिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि ऐसा है तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात नहीं हैं, कई डस्टबिन और कूड़ा ढोने वाले ठेले क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जबकि सफाई के लिए खरीदी गई स्वीपिंग मशीनें भी उपयोग में नहीं लाई जा रही हैं।
पार्षदों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा नगर निगम मुख्यालय पर तालाबंदी की जाएगी।