अयोध्या। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज दुनिया की सबसे छोटे कद की महिला ज्योति किशन आमगे शुक्रवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचीं। 32 वर्षीय ज्योति महाराष्ट्र के नागपुर की निवासी हैं। उन्होंने अपने परिवार के साथ भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। चलने में असुविधा के कारण उनके सहयोगी भोला राम ने उन्हें गोद में उठाकर गर्भगृह तक पहुंचाया।
रामलला के बाल स्वरूप के दर्शन कर अभिभूत ज्योति ने कहा, “यह मेरे जीवन का सबसे पवित्र क्षण है। रामलला के दर्शन कर आत्मा तृप्त हो गई। मैं जल्द ही फिर अयोध्या आऊंगी।” उन्होंने देशवासियों को संदेश दिया—“भगवान श्रीराम सब पर कृपा करें और सबकी रक्षा करें। जय श्रीराम।”
ज्योति आमगे को एकोंड्रॉप्लासिया नामक दुर्लभ हड्डी रोग है, जिसके कारण उनकी लंबाई मात्र 62.8 सेंटीमीटर और वजन 5.5 किलो है। बावजूद इसके उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज दुनिया भर में प्रेरणा की मिसाल हैं।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने ज्योति का स्वागत किया और उन्हें रामलला के दर्शन कराए। ट्रस्ट सदस्यों के अनुसार, “ज्योति जी का श्रद्धा और उत्साह वाकई अद्भुत था।”
ज्योति अपने माता-पिता, भाई, बहन और जीजा के साथ रामलला के दरबार में पहुंचीं थीं। उनके आगमन से रामनगरी में भी लोगों में उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।