Saturday, March 7, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्याअयोध्या में बनेगा जीव दया केंद्र, मुंबई के व्यवसायी डॉ. गिरीश सत्रा...

अयोध्या में बनेगा जीव दया केंद्र, मुंबई के व्यवसायी डॉ. गिरीश सत्रा कराएंगे वृहद गौशाला का निर्माण


◆ बंदरों से लेकर गोवंश तक को मिलेगा इलाज, मंदिरों को मिलेगा निशुल्क दूध प्रसाद


अयोध्या। धार्मिक नगरी अयोध्या अब न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र रहेगी, बल्कि जीवदया और गौसेवा का भी आदर्श स्थल बनने जा रही है। मुंबई के प्रतिष्ठित व्यवसायी और युवा जैन संघ के प्रतिनिधि डॉ. गिरीशभाई सत्रा की ओर से अयोध्या स्थित गीता भवन परिसर में एक वृहद गौशाला का निर्माण कराया जाएगा। यह गौशाला केवल गौसेवा तक सीमित रहकरजीव दया केंद्र के रूप में काम करेगी, जिसमें गोवंश के साथसाथ घायल बंदरों और अन्य जीवजंतुओं की चिकित्सा की भी व्यवस्था होगी।

ये बातें विश्व हिंदू महासंघ (गौरक्षा प्रकोष्ठ) के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण दुबे ने बताई। उन्होंने बताया कि अयोध्या में बड़ी संख्या में बंदर बिजली करंट या दुर्घटनाओं में घायल हो जाते हैं, लेकिन उचित इलाज की सुविधा न होने से कई बार वे असमय मर जाते हैं। इस नई गौशाला में प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ की तैनाती होगी, जो इन पशु-पक्षियों की सेवा में समर्पित रहेगा।

गौशाला से प्राप्त दूध को अयोध्या के उन मंदिरों में निशुल्क वितरित किया जाएगा, जहां स्वयं की गौशालाएं नहीं हैं। यह दूध संतों के भोग भगवान को अर्पण हेतु प्रसाद रूप में प्रदान किया जाएगा।

प्रवीण दुबे ने बताया कि डॉ. गिरीशभाई सत्रा पिछले पाँच वर्षों से उत्तर प्रदेश की विभिन्न गौशालाओं का भ्रमण कर, समय-समय पर आर्थिक सहायता, हरा चारा, भूसा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते रहे हैं। एटा, आगरा, बरेली, गाजीपुर, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, गोंडा, सुल्तानपुर, बांदा, चित्रकूट, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोला गोकर्णनाथ जैसे जिलों में उन्होंने अपनी सेवा का विस्तार किया है।

अब उन्होंने अपनी माताजी के नाम से अयोध्या में स्थायी रूप से गौशाला निर्माण का संकल्प लिया है, जिससे गोसेवा के साथसाथ जीवमात्र की सेवा को अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थापित किया जा सके। यह विशेष गौशाला अगले दो माह में पूर्णतः कार्यरत हो जाएगी। यह पहल न केवल गौसंवर्धन और धार्मिक सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि समाज में जीवदया की भावना को सुदृढ़ करने वाली ऐतिहासिक पहल भी मानी जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar

Recent Comments