@ बिपिन सिंह ,
पूराबाजार, अयोध्या । आज के आधुनिक और लोकतांत्रिक परिस्थितियों में सूर्य वंश क्षत्रिय समाज का मुख्य कर्तव्य पारंपरिक युद्ध कौशल से बदल कर सामाजिक उत्तर दायित्व , नेतृत्व , शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की ओर केंद्रित हो गया है ।
यह बात राजेपुर के आशा भगवान बक्श सिंह महा विद्यालय के विशाल प्रांगण में आयोजित अब तक के सबसे बड़े चौदह कोशीय सूर्यवंश क्षत्रिय समाज के महाकुंभ में सूर्यवंश क्षत्रिय उत्थान समिति के मुखिया बाबू भगवान बक्श सिंह ने बताते हुए कहा कि आज दुर्बलों और जरुरत मंदों की रक्षा कर उन्हें सशक्त बनाना क्षत्रियों का परम कर्तव्य होना चाहिए ।
सूर्यवंश क्षत्रिय महाकुंभ के संयोजक विधायक अभय सिंह ने कहा कि ‘क्षत्रियों ‘ का स्वाभिमान , वीरता , त्याग और बलिदान के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है । उन्होंने बताया कि क्षत्रियों ने इतिहास में अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों व विदेशी आक्रमण कारियों का विरोध , युद्ध में पीठ न दिखाना और प्रजा की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाना उनकी पहचान है ।
इस क्षत्रिय महाकुंभ में बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे वरिष्ठ सांसद दिग्गज राजनेता जगदम्बिका पाल ने कहा कि क्षत्रिय समाज को एकजुट कर राष्ट्र की मुख्य धारा में मजबूती से योगदान से कार्य करना चाहिए , और क्षत्रिय समाज को अपने शौर्य का उपयोग ज्ञान , न्याय और राष्ट्र की सेवा के लिए करनी चाहिए । श्री पाल ने कहा कि मेरे अनुज विधायक अभय सिंह के कुशल संयोजन में हमने अपने पूरे 75 वर्ष की ऊर्म में परिवार ( सूर्यवंश क्षत्रियों ) का इतना बड़ा समागम आज तक नहीं देखा ।
सूर्यवंश क्षत्रिय उत्थान समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ० अमित सिंह सोनू ने कहा कि आधुनिक युग में ‘बाहुबल ‘ के साथ साथ ‘बुद्धिबल ‘ की आवश्यकता है । क्षत्रिय युवाओं में उच्च शिक्षा , तकनीकि कौशल और आत्म निर्भरता की ओर बढ़ाना चाहिए ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी कर सकें ।
क्षत्रिय समाज के नेता अनिल सिंह ने कहा कि क्षत्रिय वर्ग समकालीन समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए कमजोर वर्गो की रक्षा और सामाजिक सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य कर रहा है ।
संचालन कर रहे लालसाहब सिंह ने बताया कि सूर्यवंश क्षत्रियों का इतना बड़ा जमावड़ा अयोध्या धाम के इतिहास में कभी नहीं हुआ ।
बाद में सभी 150 गाँवों से आए हजारो हजारों की संख्या में क्षत्रिय वंशजो ने बिरादरी भात में भाग लिया ।
इस सूर्यवंश क्षत्रिय महाकुंभ में संरक्षक राजेन्द्र सिंह , राम प्रकट सिंह , अध्यक्ष प्रमोद सिंह , अवधेश सिंह मुन्ना , शिक्षक नेता विश्व नाथ सिंह , नरेन्द्र सिंह काका ,अरविंद सिंह , शीतला प्रसाद सिंह , राजेश सिंह , शिव सिंह , अजय कुमार सिंह व पंकज सिंह आदि तमाम युवा क्षत्रियों ने अपने विचार रखे ।