अयोध्या। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रामनवमी के अवसर पर अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके साथ ही उन्होंने हनुमानगढ़ी और कनक भवन में भी माथा टेककर पूजा-अर्चना की। अयोध्या पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद निर्मल खत्री भी मौजूद रहे। दिग्विजय सिंह ने उनके आवास पर जाकर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या आना उनका सौभाग्य है। उन्होंने देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि रामलला के दर्शन की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूर्ण हुई। राम मंदिर विरोध के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में उनका भी योगदान रहा है और उन्होंने 1,11,000 रुपये का सहयोग दिया था। उन्होंने कहा, “जब रामलला ने बुलाया, तब हम अयोध्या आ गए।”
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, जैसे अमेरिका-ईरान तनाव और पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर पूछे गए सवालों पर उन्होंने टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि वह धार्मिक यात्रा पर हैं और आज राजनीति की कोई बात नहीं करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कनक भवन में दर्शन के दौरान बताया कि यह मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ महाराज से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।