अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। शहर में धार्मिक आयोजन, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। मंदिर परिसर के साथ–साथ शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को सजाया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है।
ध्वजारोहण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 20 नवंबर को कलश यात्रा से होगी। यात्रा में लगभग 250 महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, यातायात नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए टीमों की तैनाती कर दी है।
21 नवंबर से मंदिर परिसर में वैदिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। दक्षिण भारत से आए आचार्यों और विद्वानों की देखरेख में पाँच दिनों तक पूजन, मंत्रोच्चार, हवन और धार्मिक विधियाँ संपन्न कराई जाएँगी। 23 से 25 नवंबर तक सांस्कृतिक महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोकनृत्य, भक्ति संगीत और पारंपरिक राम विवाह की झांकियाँ शामिल रहेंगी।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। शहर भर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ड्रोन सर्विलांस शुरू किया गया है। यातायात योजना लागू करते हुए मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।
नगर निगम द्वारा शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। राम की पैड़ी, मुख्य मार्गों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई की जा रही है। सजावट के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर आकर्षक लाइटिंग, फूल मंडप और स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं।
25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में उत्साह दिखाई दे रहा है और शहर का वातावरण उत्सवमय हो गया है।