अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं व्यवसाय प्रबंधन विभाग में आयोजित मेंटल हेल्थ व्याख्यान सत्र में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने हैप्पी हार्मोन्स और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हैप्पी हार्मोन्स आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
डॉ. मनदर्शन ने बताया कि सेरोटोनिन एक महत्वपूर्ण मनोरसायन है, जो एकाग्रता, संयम और धैर्य के लिए जिम्मेदार होता है तथा व्यक्तित्व कौशल को भी विकसित करता है। यह मानसिक लचीलापन यानी मेंटल रेजीलिएंस को बढ़ाकर व्यक्ति को चुनौतियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सेरोटोनिन की कमी होने पर तनावजनित एंग्जायटी, अवसाद, एंगर, सब्सटेंस यूज डिसऑर्डर, ओसीडी, इम्पल्स कंट्रोल डिसऑर्डर, कंडक्ट डिसऑर्डर, पारिवारिक विवाद और जोखिमपूर्ण व्यवहार जैसे मनोविकार उत्पन्न हो सकते हैं।
उन्होंने नींद को “ब्रेन-बैटरी चार्जर” बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण नींद से मस्तिष्क तरोताजा होता है और स्ट्रेस सेंसर अमिग्डाला शांत रहता है। इससे व्यक्ति नई चुनौतियों के लिए तैयार होता है और नकारात्मक तनाव (डिस्ट्रेस) सकारात्मक ऊर्जा (यूस्ट्रेस) में बदलकर आनंद की अनुभूति कराता है।
व्याख्यान में डॉ. मनदर्शन ने बताया कि मूड स्टेबलाइजर हार्मोन सेरोटोनिन, रिवॉर्ड हार्मोन डोपामिन, साइकिक पेन रिलीवर हार्मोन एंडोर्फिन और लव हार्मोन ऑक्सीटोसिन को ‘बिग फोर हैप्पी हार्मोन्स’ कहा जाता है। ये हार्मोन्स मस्तिष्क को तरोताजा रखते हैं और तनाव, द्वंद्व, कुंठा व मानसिक थकान से उत्पन्न स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल और एड्रेनालिन के प्रभाव को कम करते हैं। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. हिमांशु शेखर ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रो. शैलेन्द्र वर्मा ने की। सत्र का संचालन डॉ. राकेश कुमार ने किया।