अयोध्या। पावन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या नगरी आज आस्था और भक्ति के सागर में डूबी हुई है। भोर होते ही सरयू तट पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। “जय सरयू मैया” और “जय श्री राम ” के उद्घोष से पूरी अयोध्या राममय हो उठी है। प्रशासन के अनुसार अब तक दो लाख से अधिक भक्त सरयू तट पहुंच चुके हैं, जबकि दिन भर में यह संख्या पाँच लाख के पार जा सकती है।
आस्थाऔरअनुशासनकाअद्भुतसंगम
सरयू स्नान के बाद श्रद्धालु पवित्र जल लेकर नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे हैं। मंदिर तक पहुँचने वाले मार्ग पर प्रशासन ने एक दर्जन स्थानों पर बैरीकेटिंग की व्यवस्था की है, ताकि भीड़ को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। नागेश्वरनाथ मंदिर का गर्भगृह संकरा होने के कारण पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं को सावधानीपूर्वक अंदर-बाहर कराया जा रहा है।
सुरक्षाव्यवस्थाचाक–चौबंद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बल मुस्तैद हैं। जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें सरयू तट पर लगातार गश्त कर रही हैं। भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। बम निरोधक दस्ते और श्वान दलों ने भी मेला क्षेत्र में सुरक्षा की कमान संभाल रखी है। वरिष्ठ अधिकारी नयाघाट स्थित पुलिस चौकी से लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रामललाकेदर्शनकोउमड़ासैलाब
हनुमानगढ़ी और रामजन्मभूमि परिसर में भक्तों की सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है। रामलला के दर्शन को श्रद्धालुओं का निरंतर रेला बढ़ रहा है। सम्पूर्ण अयोध्या इस समय भक्ति, उल्लास और आस्था की रोशनी में नहाई हुई है। सरयू के घाटों से लेकर मंदिर गलियों तक हर ओर सिर्फ एक ही ध्वनि गूंज रही है — “जयश्रीराम, जयसरयूमैया।”