◆ कंट्रोल रूम व मोबाइल ऐप से हो रही निगरानी, 14,800 गोवंश संरक्षित
अयोध्या। अयोध्या जनपद के सभी 87 गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत वाई-फाई, सोलर एवं सिम आधारित कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिससे गो-आश्रय स्थलों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर दो कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा प्रवेश द्वार पर और दूसरा गोशाला परिसर के भीतर स्थापित किया गया है।
इन कैमरों के माध्यम से गोवंशों की स्थिति, भूसा, हरा चारा, पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। सोलर आधारित प्रणाली होने के कारण कैमरे बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी कार्यरत रहते हैं। सिम और वाई-फाई कनेक्टिविटी से मोबाइल ऐप के जरिए लाइव दृश्य देखे जा सकते हैं।
विकास भवन कंट्रोल रूम से निगरानी
सभी 87 गो-आश्रय स्थलों की निगरानी के लिए अयोध्या विकास भवन में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां 11 विकास खंडों के अनुसार ग्रुप बनाकर टेलीविजन स्क्रीन पर एक साथ कई गो-आश्रयों की लाइव स्थिति देखी जा रही है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी नियमित रूप से निगरानी करते हैं और किसी भी कमी की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जाती है।
कैमरा सिस्टम की तकनीकी विशेषताएं
स्थापित सीसीटीवी कैमरे 360 डिग्री घूमने की क्षमता से लैस हैं। इनमें नाइट विजन, स्मार्ट डिटेक्शन, ह्यूमन ट्रैकिंग, डिटेक्शन एरिया सेटिंग, सायरन अलर्ट और डिवाइस कॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन फीचर्स के जरिए रात के समय निगरानी, अवांछनीय गतिविधियों की पहचान और गोवंशों के बाहर निकलने जैसी घटनाओं पर नजर रखी जा रही है।
व्यवस्थाओं में आया सुधार
सीसीटीवी निगरानी से गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्थागत कमियों की पहचान समय पर हो रही है। इससे चारा, पानी, स्वच्छता और देख-रेख से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सुविधा मिल रही है।
मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह के अनुसार, जिले के 87 गो-आश्रय स्थलों में वर्तमान में लगभग 14,800 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। सीसीटीवी आधारित निगरानी से गो-आश्रयों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और संचालन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हुआ है।