अयोध्या। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के निर्देश पर जनपद अयोध्या के ग्राम मांझा सरायरासी में वर्षों से लंबित सर्वे प्रक्रिया का औपचारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। यह ग्राम वर्ष 1984 से सर्वे प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन था, जिसके चलते ग्रामीणों को लंबे समय से राजस्व और भूमि संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
सर्वे प्रक्रिया के तहत निर्धारित स्थल पर सीमा द्योतक चिन्ह स्थापित करते हुए पैमाइश का कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रशासन की ओर से संबंधित ग्राम सभा एवं सरकारी विभागों को पृथक-पृथक नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें सर्वे के दौरान अपनी-अपनी मेड़ दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में सूचना ग्राम सभा तथा जनपद स्तर के सार्वजनिक स्थलों पर भी चस्पा कराई जा रही है।
ग्राम मांझा सरायरासी में 1200 से अधिक गाटे दर्ज हैं। अयोध्या में निरंतर हो रहे विकास कार्यों तथा भौगोलिक और जनसंख्या में आए व्यापक परिवर्तनों को देखते हुए सर्वे प्रक्रिया को अद्यतन और पारदर्शी तरीके से कराना आवश्यक बताया जा रहा है। इसके माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप परिष्कृत अभिलेख तैयार किए जाएंगे।
सर्वे प्रक्रिया प्रारंभ होने से काश्तकारों के अंश निर्धारण, ऋण से जुड़ी समस्याएं, वरासत, क्रय-विक्रय तथा खेतों के विभाजन जैसे मामलों का समाधान संभव हो सकेगा। अब तक सर्वे लंबित रहने के कारण ग्रामीणों को इन कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थल पर सहायक अभिलेख अधिकारी पवन कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार (सर्वे) बृजेश कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सर्वे कार्य को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई है।