◆ 22 झांकियों और 11 मंचों पर दिखेगा रामायण और लोक संस्कृति का संगम
अयोध्या । दीपोत्सव 2025 की तैयारियों के बीच अयोध्या में इस बार कला और संस्कृति का बड़ा आयोजन देखने को मिलेगा। करीब 2000 कलाकार विभिन्न मंचों और झांकियों के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के 500 कलाकार और अयोध्या के 300 स्थानीय कलाकार शामिल रहेंगे।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि शहर में एक वृहद मंच, तीन मध्यम और सात छोटे मंच बनाए जा रहे हैं। वृहद मंच राम कथा पार्क में, जबकि मध्यम मंच तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन मंचों पर अवधी और भोजपुरी भजन, लोकगीत, नृत्य और नाट्य मंचन प्रस्तुत होंगे।
कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा। छोटे मंचों पर अयोध्या और आसपास के जिलों के कलाकार लोक परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों की झलक दिखाएंगे।
दीपोत्सव की मुख्य शोभायात्रा में 22 झांकियां शामिल होंगी। झांकियों के साथ और उनके आगे-पीछे कलाकार प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। झांकियों में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में पारंपरिक लोक संगीत, भक्ति गीतों और नाट्य मंचनों के माध्यम से अवधी, भोजपुरी और ब्रज संस्कृति का प्रदर्शन होगा। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष का दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति के प्रदर्शन का भी प्रमुख मंच बनेगा।