अयोध्या। दीपोत्सव 2025 की तैयारियों के बीच अयोध्या में इस बार कला और संस्कृति का बड़ा आयोजन देखने को मिलेगा। करीब 2000 कलाकार विभिन्न मंचों और झांकियों के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें उत्तरप्रदेशकेअलावाअन्यराज्योंके 500 कलाकार और अयोध्याके 300 स्थानीयकलाकार शामिल रहेंगे।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोषद्विवेदी ने बताया कि शहर में एकवृहदमंच, तीनमध्यमऔरसातछोटेमंच बनाए जा रहे हैं। वृहद मंच रामकथापार्क में, जबकि मध्यम मंच तुलसीउद्यान, बड़ीदेवकालीऔरगुप्तारघाट पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन मंचों पर अवधीऔरभोजपुरीभजन, लोकगीत, नृत्यऔरनाट्यमंचन प्रस्तुत होंगे।
कार्यक्रम में भगवानश्रीरामकेजीवनप्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा। छोटे मंचों पर अयोध्या और आसपास के जिलों के कलाकार लोक परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों की झलक दिखाएंगे।
दीपोत्सव की मुख्यशोभायात्रामें 22 झांकियां शामिल होंगी। झांकियों के साथ और उनके आगे-पीछे कलाकार प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। झांकियों में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में पारंपरिक लोक संगीत, भक्ति गीतों और नाट्य मंचनों के माध्यम से अवधी, भोजपुरीऔरब्रजसंस्कृति का प्रदर्शन होगा। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष का दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीयकलाऔरसंस्कृतिकेप्रदर्शन का भी प्रमुख मंच बनेगा।