अम्बेडकर नगर। सुभाषितरत्नानिभण्डागाराम में लिखा गया है –
“काक:कृष्ण:पिक:कृष्ण:को भेदो पिककाकयो:।”
बसंत समये प्राप्ते काक:काक: पिक: पिक:।।
कदाचित इसी श्लोक का हिंदी भाषा में निम्नवत सुंदर अभिव्यक्ति की गयी है-
“कोयल काको लेति है,कागा काको देय।
मीठे वचन सुनाय के,जग बस में करि लेय।।”



