अयोध्या। गुप्तारघाट से राजघाट तक बन रहे करीब 9 किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ के दायरे में आने से लगभग 250 निषाद परिवारों के सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सरयू तट के जमथरा माझा क्षेत्र में बसे ये परिवार पिछले 60-70 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन अब निर्माण कार्य तेज होने के साथ इन्हें हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि अब तक उन्हें न तो वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई गई है और न ही रहने के लिए कोई मकान दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए उन्हें उजाड़ा जा रहा है, जो उनके लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले उन्हें बसाया जाए, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए।
बताया गया कि निषाद परिवार इस मुद्दे को लेकर पहले भी जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। ऐसे में प्रभावित परिवारों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
मामले में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों की जमीन या मकान विकास कार्यों में प्रभावित हुए हैं, उन्हें मुआवजा और आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन निषाद परिवारों को भी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर संभव मदद प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।