मुख्यमंत्री ने अयोध्या में अमृत बॉटलर्स प्रा. लि. को बॉटलिंग प्लांट के लिए किए गए निवेश पर बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि 1983 में एक बहुत छोटे से कोल्ड स्टोरेज से जो शुरुआत हुई थी आज वह एक अत्याधुनिक प्लांट के रूप में उत्तर भारत को शीतल पेय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। विकास की यात्रा इसी प्रकार से आगे बढ़ती है। 1983 में लधानी जी ने जब इस कार्य को आगे बढ़ाया होगा उस समय उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि यहां पर कभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। आज महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां पर है, फोरलेन कनेक्टिविटी है। स्वाभाविक रूप से एयर और रोड की यहां बेहतरीन कनेक्टिविटी हो और निकट भविष्य में हम इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी का गठन कर चुके हैं और हमारा प्रयास है कि अयोध्या से हम लोग सरयू होते हुए, बलिया होते हुए हल्दिया तक वॉटरवेज की शुरुआत भी करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवसाय को और एक्सर्पो को बढ़ाने में यह संयंत्र बहुत बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने लधानी ग्रुप से अपील की कि अयोध्या में जो भारी फुटफॉल है यात्रियों और श्रद्धालुओं का, उसको देखते हुए जितनी जल्दी हो होटल की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाएं। होटल आज की यहां की आवश्यकता है। लधानी परिवार ने गत वर्ष जब अयोध्या में भगवान राम के नए मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी तब मेरे आग्रह पर उन्होंने यहां पर वाटर कूलर और वाटर एटीएम के माध्यम से बड़े पैमाने पर पेयजल की व्यवस्था की थी। उन्होंने जन सुविधाओं को बढ़ाने में अपना योगदान दिया था। पब्लिक चाहती है कि उसे सुविधा मिले और सुविधा के क्रम में अच्छे होटल यहां पर आएं। यहां पर जो भीड़ है वो बताती है कि सुविधा देंगे तो श्रद्धालु आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में होटल बनाने की प्रक्रिया के साथ-साथ गोरखपुर में जो आपका प्रस्तावित निवेश है उसे जितनी जल्दी आगे बढ़ाएंगे सरकार उतनी ही तेजी के साथ आपको सुविधा के साथ जोड़ने में मदद करेगी।