अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के अरिया बाजार निवासी महेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मकान गिराए जाने के करीब 10 माह बाद भी आवास और आर्थिक सहायता नहीं मिलने की शिकायत की है। पीड़ित ने प्रशासन से दोबारा जांच कराकर आवास उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
महेंद्र सिंह के अनुसार, वह वर्षों से अपने पक्के मकान में परिवार के साथ रह रहा था। आरोप है कि बीते वर्ष 13 दिसंबर को विपिन सिंह, अनिल सिंह पुत्रगण सदान आदि ने पुलिस और राजस्व टीम की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर उसका मकान गिरा दिया। पीड़ित का कहना है कि मकान गिराने से पहले उसे कोई नोटिस भी नहीं दिया गया।
महेंद्र के मुताबिक, प्रशासन की ओर से गाटा संख्या 376 को बदखली कर ध्वस्त करने का आदेश था, लेकिन संबंधित लोगों ने गाटा संख्या 376 के बजाय उसके मकान को ही उक्त गाटा बताकर ढहा दिया। मकान गिराए जाने के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने भी इसे गलत बताते हुए कहा था कि यह मकान नहीं गिराया जाना था। इसके बाद दो जेसीबी को पकड़कर अकबरपुर कोतवाली में सीज कराया गया था।
पीड़ित ने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने सीमांकन और जांच के बाद मकान बनवाने तथा आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद करीब 10 माह बीतने के बाद भी उसे सहायता नहीं मिली। भूमिहीन महेंद्र चार बच्चों के साथ पन्नी डालकर रहने को मजबूर है। उसने जिलाधिकारी से आवास व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।