◆ विद्यालयों में आयोजित हुआ विशेष जागरूकता कार्यक्रम
अम्बेडकर नगर। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। ऐसे में भावी पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और उनमें जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिले के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विशेष नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशीली वस्तुओं से दूर रहने के साथ ही दूसरों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई।
विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि नशे की शुरुआत भले ही छोटी आदत के रूप में हो, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यवहार और पारिवारिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया गया।
नशे से दूर रहने की ली शपथ
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया। साथ ही नशीली वस्तुओं से दूर रहने और परिवार व आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की शपथ ली। शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि स्वस्थ और नशामुक्त जीवन ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
बच्चों की भागीदारी से बनेगा नशामुक्त समाज
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले के विद्यालयों में संचालित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को नशे के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों में अभी से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता विकसित करने से भावी पीढ़ी को स्वस्थ, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने में मदद मिलेगी।