अंबेडकरनगर। नेत्रदान पखवाड़े के तहत महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में सोमवार को पोस्टर-बैनर प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एमबीबीएस और नर्सिंग विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर और बैनर के जरिए नेत्रदान के महत्व का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व नेत्र विभागाध्यक्ष एवं आचार्य डॉ. अमित कुमार पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक ऐसा सामाजिक कार्य है, जिससे किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाई जा सकती है। लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में डॉ. साजन देव केसरी, डॉ. सृष्टि नागराजन, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. नीलम और डॉ. आनंद के साथ वरिष्ठ-कनिष्ठ रेजिडेंट, इंटर्न, मेडिकल एवं नर्सिंग छात्र-छात्राएं, नर्सिंग व्याख्याता गार्गी और नेत्र विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
मरीजों और तीमारदारों को भी किया जागरूक
नेत्र विभाग में उपचार और परामर्श के लिए पहुंचे मरीजों व उनके तीमारदारों को नेत्रदान की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन को नई उम्मीद दे सकता है। चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने लोगों से मरणोपरांत नेत्रदान के लिए संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करना रहा। ‘नेत्रदान—किसी के जीवन में रोशनी का उपहार’ संदेश के साथ आयोजित अभियान में चिकित्सकों, रेजिडेंट, इंटर्न और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।