अयोध्या। हाल ही में पेट्रोलियम संकट की अफवाह के बाद पेट्रोल पम्पों पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर समाज में पैनिक-बाइंग और मास-हिस्टीरिया (समूह-बुद्धिहीनता) की स्थिति को उजागर किया है। अफवाह के चलते लोगों में भय और असुरक्षा की भावना तेजी से फैलती है, जिससे अनियंत्रित भीड़ और जमाखोरी जैसे हालात बन जाते हैं।
जिला चिकित्सालय के माइंड-मेंटर डॉ. आलोक मनदर्शन ने इस विषय पर आयोजित जागरूकता वार्ता में बताया कि इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले भी ड्रोन दिखने, चोर गिरोह सक्रिय होने, मुंह नोंचवा, चोटी कटवा, नमक संग्रह और कच्छा-बनियान जैसी अफवाहें समाज में फैल चुकी हैं, जिनका कोई ठोस आधार नहीं था।
उन्होंने बताया कि अफवाह फैलने के पीछे लोगों की सामाजिक स्वीकृति पाने, ध्यान आकर्षित करने, खुद को विशेष दिखाने और दूसरों को प्रभावित करने की प्रवृत्ति प्रमुख कारण होती है। चिंताग्रस्त या एंक्शस व्यक्तित्व वाले लोग जल्दी इन अफवाहों का शिकार बनते हैं और आगे इन्हें फैलाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि अफवाहें तनाव हार्मोन को बढ़ाकर मानसिक विकारों जैसे चिंता, डिसोसिएटिव डिसऑर्डर और अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं को जन्म देती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर केवल प्रमाणित सूचनाओं पर ही भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।