◆ श्रद्धालुओं पर ड्रोन के जरिये सरयू के जल की होगी फुहार
◆ रामनवमी पर जलेंगे दो लाख दीपक
अयोध्या। रामनगरी ने इस बार रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। रामनवमी पर दीपोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जो इस पर्व को और भी खास बना देगा। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। राम कथा पार्क के बगल पक्की पार्किंग में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में देश के नामचीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, जो अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मन मोह लेंगे। इस महा उत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, और प्रशासन ने इसे यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।
दीपोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनूठा संगम इस बार रामनवमी पर अयोध्या में 2 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे, जो राम कथा पार्क के सामने पक्का घाट व राम की पैड़ी पर प्रकाशमान होंगे। अष्टमी के दिन कनक भवन से एक हेरिटेज वॉक निकाली जाएगी, जो राम कथा पार्क में समाप्त होगी। राम कथा पार्क में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक जैसी प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
रामनगरी के अवसर पर अयोध्या में सरस मेला और फर्नीचर मेला भी लगाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। सरस मेला में देश भर से आए हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी होगी, वहीं फर्नीचर मेला स्थानीय कारीगरों की कला को प्रदर्शित करेगा। य
ड्रोन से सरयू जल की फुहार का अनूठा प्रयोग
इस बार रामनवमी के आयोजन में एक अनूठा प्रयोग भी देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि रामनवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं पर सरयू नदी के पवित्र जल की फुहार डाली जाएगी। इसके लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि हमारी योजना है कि इस प्रयोग से श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव मिले और उनकी आस्था और गहरी हो। इस पहल से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा
प्रशासन और पर्यटन विभाग की तैयारियां
यह पूरा आयोजन पर्यटन और संस्कृति विभाग के तत्वावधान में हो रहा है। विभाग ने राम कथा पार्क को इस महा उत्सव का केंद्र बनाया है, जहां सभी प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि प्रशासन और विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु और पर्यटक को एक यादगार अनुभव मिले। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि यह रामनवमी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, बल्कि अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करे।