अयोध्या। विश्व महिला दिवस श्रृंखला कार्यक्रम के तहत 14 राजपूत रेजीमेंट सभागार में मनोस्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आलोक मनदर्शन ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लगातार ओवर थिंकिंग और नकारात्मक विचारों के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन बढ़ जाते हैं। इससे घबराहट, भय, अनिद्रा, दिल की धड़कन तेज होना, पेट की समस्या, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार व्यक्ति को बिना कारण गंभीर बीमारी का डर भी सताने लगता है।
डॉ. मनदर्शन ने बताया कि मानसिक तनाव बढ़ने पर कुछ लोगों में ओसीडी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, जिसमें व्यक्ति बार-बार हाथ धोना या किसी काम को बार-बार दोहराना शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि सेरोटोनिन हार्मोन की कमी से एंग्जायटी और अन्य मानसिक समस्याएं बढ़ सकती हैं, जबकि डोपामिन, ऑक्सीटोसिन और एंडॉर्फिन जैसे हार्मोन की कमी से उदासी और निराशा की भावना बढ़ती है।
उन्होंने यह भी बताया कि पारिवारिक तनाव, नशे की लत, डिजिटल एडिक्शन, ऑनलाइन गेमिंग और सामाजिक संकोच मानसिक समस्याओं को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे मामलों में दवाओं के साथ काग्निटिव बिहेवियर थेरेपी प्रभावी उपचार साबित होती है।
कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट ब्रिगेडियर निशांत सैनवाल के निर्देशन तथा लेफ्टिनेंट कर्नल एस.के. सिंह के संयोजन में किया गया। सत्र की अध्यक्षता मीनाक्षी सैनवाल ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सैन्य परिवारों का मनोवैज्ञानिक परामर्श और संवाद भी किया गया।