अम्बेडकर नगर। नाली और चकरोड पर भूमाफियो के द्वारा किया गया अवैध कब्जा हटवाने के लिए बहुजन मुक्ति मोर्चा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी जावेद अहमद का धरना प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर 11 वें दिन भी जारी है। पहले दिन जावेद अहमद की धरना देते हुए सोशल मीडिया पर अकेले तस्वीर वायरल हुई थी।जिसके बाद से उनके साथ धरने में बीएमपी व उनके समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। बढ़ती संख्या को देखकर उपजिलाधिकारी व तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन भी लिया। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई न होने से अभी भी बीएमपी का धरना जारी है।जिलाधिकारी के नाम से दिए गए ज्ञापन में जावेद अहमद ने आरोप लगाया कि तहसील टांडा के राजस्व ग्राम बसखारी में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी चकमार्ग गाटा संख्या 493 और नाली गाटा संख्या 494 पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।साथ ही गाटा संख्या 516 को जाने वाला रास्ता जानबूझकर बंद कर दिया गया है। ताकि खातेदारों को मजबूर कर उनकी ज़मीन औने पौने दामों में खरीदी जा सके। जिसमें क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत भी बताईं जा रही है।ज्ञापन में यह भी बताया गया कि गाटा संख्या 517 और 518 की प्लाटिंग चकमार्ग और नाली पर अतिक्रमण करते हुए की गई है। जिससे गाटा संख्या 516 के खातेदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो पिछले कुछ महीने पहले ही नायाब तहसीलदार टाण्डा ने लेखपालों की टीम बनाकर सरकारी नाली व चकमार्ग की पैमाईश कर भूमाफियाओं द्वारा किये गए अतिक्रमण को हटवाया था।मगर नायब तहसीलदार के जाने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल ने न तो पिलर लगाया और न ही निशान देही की। जिससे भूमाफियाओं का हौसला बढ़ गया और फिर चकमार्ग और नाली पर अवैध कब्जा कर लिया । पीड़ित ने आरोप लगाया है लेखपाल और कानून गो भूमाफियो के जमीन के धंधे में बिज़नेस पार्टनर है।जो शिकायत करने पर रास्ता व नाली सुचारू रूप से चालू होने की फर्जी रिपोर्ट लगा कर अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं।धरने में शामिल लोगों ने माँगे पूरी न होने पर ज़िले में बड़ा आन्दोलन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच कर दोषी लेखपाल और भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और चकमार्ग तथा नाली को अतिक्रमण मुक्त कर पुनः मूल स्थिति में बहाल किया जाए। फिलहाल इन 10 दिनों में दो बार उप जिलाधिकारी अकबरपुर एवं तीन बार तहसीलदार व नायब तहसीलदार धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन ले चुके हैं। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई ना होने से धरना अभी भी जारी है।