अयोध्या। ग्राम सभा देवई में इस वर्ष श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव की शुरूआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। देवग्राम परिवार के सौजन्य से आयोजित इस यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने मंगलमय कलश सिर पर रखकर भाग लिया, जिससे पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूब गया। बच्चों ने उल्लासपूर्वक गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापना की, वहीं युवाओं ने पूरे आयोजन को अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के संयोजक व धर्म जागरण प्रमुख हिमांशु सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा— “छत्रपति शिवाजी महाराज ने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए गणेशोत्सव की शुरुआत की थी। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बनाया। ऐसे आयोजन आस्था के साथ–साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी संदेश देते हैं।”
गांव के हिंदू-मुस्लिम समुदाय की सामूहिक सहभागिता ने इस उत्सव को भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अद्वितीय उदाहरण बना दिया है। प्रतिदिन रात्रि आरती में सैकड़ों ग्रामीण एकत्र होकर श्रद्धा भाव से गणपति बप्पा की वंदना करते हैं।
ग्रामवासियों का कहना है कि इस बार का आयोजन और भी विशेष है क्योंकि इसमें श्रद्धा, परंपरा और समाजिक भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। ग्राम सभा देवई में यह महोत्सव अनंत चतुर्दशी तक धूमधाम से आयोजित किया जाएगा।