जलालपुर अंबेडकर नगर। तहसील क्षेत्र के शेखूपुर गांव निवासी 100 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी धर्मराज वर्मा का सोमवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य लोग उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने लगे।
प्रशासन की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। आवास पर गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया, जहां तहसीलदार निखिलेश कुमार, कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। लोगों ने नम आंखों से इस जांबाज स्वतंत्रता सेनानी को अंतिम विदाई दी।
दोपहर बाद महादेवा घाट पर उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। “जब तक सूरज चांद रहेगा, धर्मराज वर्मा तेरा नाम रहेगा” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
धर्मराज वर्मा ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने जीवनभर समाज सेवा को समर्पित रखा। सादा जीवन और उच्च विचार के प्रतीक वर्मा आजीवन अविवाहित रहे और अपने भतीजे के साथ रहते थे।
उनके निधन से क्षेत्र ने एक सच्चे देशभक्त और समाजसेवी को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।