जलालपुर अम्बेडकरनगर। जैतपुर थाना क्षेत्र के मुस्कुराई गांव में बीते छह सितम्बर को हुई टैक्सी चालक की निर्मम हत्या और उसके छोटे पुत्र के अचानक लापता होने का मामला छह माह बाद भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। घटना के कई महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो हत्यारों तक पहुंच सकी है और न ही लापता बच्चे का कोई सुराग लगा पाई है। इससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल है।
बताया जाता है कि मुस्कुराई गांव निवासी रामस्वरूप की देर रात गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थित उनके मकान में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक श्याम देव, क्षेत्राधिकारी पूर्वी जलालपुर अनूप कुमार सिंह और जैतपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने जल्द ही घटना का खुलासा करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन महीनों बाद भी मामला अनसुलझा है।
उधर, हत्या के बाद परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं। मृतक के अंतिम संस्कार के दूसरे ही दिन उसका छोटा पुत्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बावजूद अब तक बच्चे का कोई पता नहीं चल सका है।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को इस हत्याकांड और बच्चे की गुमशुदगी की गुत्थी जल्द सुलझानी चाहिए। वहीं जैतपुर थाना अध्यक्ष धीरेंद्र आजाद का कहना है कि मामले में जांच जारी है और जैसे ही कोई ठोस जानकारी मिलेगी, मीडिया को अवगत कराया जाएगा।