अयोध्या। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आकाशवाणी अयोध्या और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘यूथ-कनेक्ट’ युवा मनोविमर्श कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं से जुड़ी मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी, सामाजिक वर्जना और संकोच के कारण बड़ी संख्या में लोग समय पर मनोपरामर्श और उपचार नहीं ले पाते।
कार्यक्रम में मनोचिकित्सक डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हर सात में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक विकार से प्रभावित है। युवावस्था में ही बड़ी संख्या में मानसिक विकारों की शुरुआत हो जाती है। उन्होंने बताया कि अकादमिक और कैरियर का तनाव, पारिवारिक दबाव, प्रेम संबंधों में विवाद, अपराधबोध, हताशा, नशा, जुआ, अवसाद और मूड संबंधी विकार युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अकेलापन, प्रियजन की मृत्यु, आर्थिक नुकसान, कर्ज, कानूनी परिस्थितियां, आपदा, गरीबी और गंभीर बीमारी जैसी स्थितियां भी व्यक्ति को मानसिक आघात पहुंचा सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में समय रहते परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से संवाद करना जरूरी है।
डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर चुप्पी और संकोच स्थिति को गंभीर बना सकते हैं। डिजिटल दुनिया में आत्मघाती अथवा हिंसक घटनाओं की लाइव स्ट्रीमिंग जैसी प्रवृत्तियां भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने युवाओं से मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय बातचीत और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ की मदद लेने की अपील की।
कार्यक्रम में डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी और डॉ. सरिता पाठक ने सकारात्मक मनोविज्ञान पर विचार रखे। इसके बाद युवाओं की जिज्ञासाओं और मनोस्वास्थ्य से जुड़े संशयों का समाधान किया गया।
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित सत्र का संयुक्त संयोजन प्रो. सुरेंद्र मिश्र और आशीष चतुर्वेदी ने किया। प्रबंधन डॉ. शिवांश कुमार और डॉ. अंकित मिश्र ने संभाला, जबकि संचालन आजाद सदक और दिशा श्रीवास्तव ने किया।