जलालपुर, अंबेडकर नगर। त्रिस्तरीय पंचायतों में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है, लेकिन अब तक चुनावी तैयारियों की धीमी रफ्तार को देखते हुए समय से चुनाव कराए जाने पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इसे लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने चिंता जताते हुए कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई है।
प्रधानों का कहना है कि यदि तय समय पर चुनाव नहीं कराए गए, तो सरकार को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करना पड़ सकता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत होगा। उनका मानना है कि इससे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका खत्म हो जाएगी और पंचायत व्यवस्था प्रभावित होगी।
इसी मुद्दे को लेकर जलालपुर विकास खंड के ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि यदि किसी कारणवश समय से पंचायत चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो वर्तमान ग्राम प्रधानों व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल चुनाव सम्पन्न होने तक बढ़ाया जाए।
प्रधानों ने कहा कि वे जनता के सीधे चुने हुए प्रतिनिधि हैं और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों से भली-भांति जुड़े हैं। ऐसे में उनके स्थान पर प्रशासक की नियुक्ति जनभावनाओं के खिलाफ होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकाल बढ़ने से विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी।
प्रधान संगठन ने राज्य सरकार से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है, ताकि पंचायत स्तर पर किसी प्रकार की प्रशासनिक अस्थिरता न उत्पन्न हो। इस दौरान राधेश्याम यादव, दीपचंद यादव, अनाररा देवी, अजीत कुमार, अनिल कुमार, मनोज वर्मा, शरीफ देवी, राम सुरेश, सुषमा सहित तमाम प्रधान मौजूद रहे।