बसखारी, अंबेडकर नगर। विकासखंड बसखारी के केवटला ग्राम पंचायत स्थित कुटी के परिवार रजिस्टर में कूटरचना कर नाम दर्ज कराने के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर हंसवर पुलिस ने तत्कालीन सचिव, दिवंगत महंथ व उनके भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई होते ही आरोपियों में हड़कंप मच गया है।
मामले में कूटरचना, जालसाजी और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान एडीओ पंचायत द्वारा सचिव को दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जाता है कि केवटला ग्राम पंचायत में बाबा जीत दास आश्रम संचालित है, जिसकी लगभग 54 बीघा भूमि है। पहले आश्रम का संचालन बाबा जंगी दास के चेले रामनिहाल दास और बिरागी दास करते थे। दोनों के निधन के बाद रामनिहाल दास के चेले हरिशंकर दास उर्फ बुलबुली आश्रम की देखरेख कर रहे थे।
इसी बीच 26 सितंबर 2024 को बिरागी दास का निधन हो गया। बताया गया कि उन्होंने जीवनकाल में कोई चेला नहीं बनाया था। आरोप है कि मनीष यादव निवासी सकरैचा (धनघटा, संतकबीरनगर) ने खुद को भतीजा बताते हुए 11 सितंबर 2023 को कूटरचित परिवार रजिस्टर की नकल हासिल कर ली, जबकि उस समय उसके नाम का कोई उल्लेख नहीं था।
आरोप है कि इसी आधार पर उसने टांडा तहसील से निवास प्रमाण पत्र बनवाया और आधार कार्ड में संशोधन करा लिया। बाद में 28 नवंबर 2024 को तत्कालीन पंचायत सचिव अशोक राजभर की मिलीभगत से परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब निवास प्रमाण पत्र जारी करते समय एनआईसी पोर्टल पर कूटरचित दस्तावेज पाए गए। इसके बाद हरिशंकर दास ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने जांच सीओ टांडा को सौंपी। जांच में एडीओ पंचायत बसखारी उमाशंकर सिंह ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन सचिव पर मनमानी का आरोप लगाते हुए इसे कूटरचना करार दिया। सात माह तक कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से शिकायत की। थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।