Saturday, June 6, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्याकरोड़ों की सरकारी भूमि से हटाया गया अतिक्रमण, अवैध प्रतिष्ठानों पर चला...

करोड़ों की सरकारी भूमि से हटाया गया अतिक्रमण, अवैध प्रतिष्ठानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर


अयोध्या। जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की नजूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। संयुक्त अभियान के दौरान अवैध रूप से संचालित दुकानें, गुमटियां, रेस्टोरेंट, मोटर धुलाई केंद्र और बस बुकिंग सेंटर हटाए गए, जबकि परिसर में बने भवन को सील कर दिया गया।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट ने बताया कि नजूल भूमि पूर्व में पट्टे पर आवंटित की गई थी। पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है और यह वर्तमान में सरकारी नजूल भूमि के रूप में दर्ज है।

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि भूमि के एक हिस्से पर स्थित पुराने भवन को पूर्व पट्टेदार राजकृष्ण मनूचा के वारिसानों द्वारा विद्युत विभाग को किराये पर दिया गया था। हालांकि विभाग का अधिकांश कार्यालय अन्यत्र स्थानांतरित हो चुका है और वर्तमान में केवल एक कक्ष में बिलिंग संबंधी कार्य संचालित किया जा रहा है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि सरकारी भूमि पर लगभग एक दर्जन लोगों द्वारा लकड़ी और लोहे की गुमटियां स्थापित कर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इनमें दुकानें, रेस्टोरेंट, कारखाने, मोटर वॉशिंग सेंटर और निजी बसों के बुकिंग कार्यालय शामिल थे। प्रशासन के अनुसार इन प्रतिष्ठानों से किराया पूर्व पट्टेदार के वारिसानों द्वारा वसूला जा रहा था।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस जारी कर भूमि पर स्वामित्व अथवा अधिकार से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समयावधि में कोई प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद राजस्व विभाग और नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए समस्त अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण को हटवा दिया।

कार्रवाई के दौरान परिसर में स्थित भवन को भी सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


नोटिस के बाद भी नहीं दिखाए गए दस्तावेज


प्रशासन के अनुसार संबंधित वारिसानों को भूमि संबंधी वैध अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था। दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई गई।


सरकारी भूमि पर चल रहे थे कई व्यवसाय


अतिक्रमण हटाने के दौरान जिन प्रतिष्ठानों को हटाया गया उनमें दुकानें, रेस्टोरेंट, मोटर धुलाई केंद्र, छोटे कारखाने तथा निजी बसों के बुकिंग सेंटर शामिल थे। प्रशासन का कहना है कि ये सभी गतिविधियां सरकारी भूमि पर अवैध रूप से संचालित हो रही थीं।


सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को अभियान जारी


जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जनपद में सरकारी भूमि की पहचान कर अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। राजस्व विभाग को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar

Recent Comments