अयोध्या। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में रामनगरी अयोध्या के लिए विशेष प्रावधानों को लेकर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने स्वागत जताया है। सभी ने इसे विकास, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाला ऐतिहासिक बजट बताते हुए कहा कि इससे अयोध्या की तस्वीर बदलेगी और शहर को वैश्विक पहचान मिलेगी।
लल्लू सिंह पूर्व सांसद
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रामनगरी को दी गई प्राथमिकता प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन के विकास से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह बजट सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विकास के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
रोली सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया है। सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्रों और पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से गांवों में भी विकास की गति तेज होगी और आमजन को सीधा लाभ मिलेगा।
वेद प्रकाश गुप्ता, विधायक
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या निरंतर प्रगति कर रही है। पर्यटन, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान रामनगरी के समग्र और सुव्यवस्थित विकास का रोडमैप है।
कमलेश श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष
महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने इसे विकास, आस्था और आधुनिक आधारभूत संरचना को समर्पित बजट बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटन, सड़कों, यातायात व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
संजीव सिंह] जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि यह सर्वस्पर्शी और जनकल्याणकारी बजट है, जिसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के हितों का ध्यान रखा गया है। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि शहरी विकास, स्वच्छता, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, ड्रेनेज और स्मार्ट सुविधाओं के विस्तार से नगर की व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी। यह बजट अयोध्या को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने में निर्णायक साबित होगा।
जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि इन प्रावधानों से अयोध्या न केवल आध्यात्मिक केंद्र के रूप में, बल्कि आर्थिक और पर्यटन दृष्टि से भी देश की अग्रणी नगरी के रूप में स्थापित होगी।