अयोध्या। रामनगरी में आज आस्था और उत्साह का अनोखा संगम दिखाई दे रहा है। एक ओर राधा अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है तो दूसरी ओर भगवान सूर्य की जयंती महारविवार पर ऐतिहासिक सूर्यकुंड श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। दर्शननगर स्थित चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर बसा यह प्राचीन सूर्यकुंड हजारों वर्षों से श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि सूर्यवंशी शासकों ने इस कुंड का निर्माण कराया था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां स्नान करने और सूर्य मंदिर में पूजा करने से न केवल पाप मिटते हैं बल्कि असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं। मान्यता के अनुसार प्राचीन समय में सूर्यवंशी राजा घोष का कुष्ठ रोग भी इसी कुंड में स्नान करने से समाप्त हुआ था। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विशेष अनुष्ठान और यज्ञ किए गए। आसपास के जनपदों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे।
प्रशासन की ओर से मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ प्रबंधन हेतु बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की सुविधा दी है। वहीं नगर निगम ने पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की है।