जलालपुर अंबेडकरनगर। बहुजन समाज पार्टी को जनपद में उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी व नगर पालिका परिषद जलालपुर के पूर्व चेयरमैन क़मर हयात अंसारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले से जिले की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
तीन दशक तक जुड़े रहे बसपा से
करीब 30 वर्षों तक बसपा से जुड़े रहे क़मर हयात अंसारी ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि उन्होंने मान्यवर कांशीराम के मिशन और राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती के नेतृत्व में दलित, मुस्लिम व पिछड़े वर्गों के हितों के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने हालिया लोकसभा चुनाव में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद करीब दो लाख मत मिलने को सर्वसमाज के समर्थन का प्रमाण बताया।
जिलाध्यक्ष बोले— नहीं मिली आधिकारिक सूचना
इस संबंध में बसपा जिलाध्यक्ष सुनील सावंत ने बताया कि उन्हें अब तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है और न ही त्यागपत्र की औपचारिक जानकारी दी गई है।
सपा में जाने की चर्चाएं तेज
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के बाद क़मर हयात अंसारी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। उनके इस्तीफे को बसपा के लिए अहम झटका माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क़मर हयात अंसारी आगे किस राजनीतिक दल का दामन थामते हैं।