◆ स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए मंडलीय कार्यशाला संपन्न, शहरों को स्वच्छ–सुंदर बनाने पर जोर
अयोध्या। स्वच्छता को जन-जन की भागीदारी से जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने का व्यापक अभियान है। यह बातें महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने स्वच्छ भारत मिशन नगरी के तत्वावधान में कल्याण मंडप ‘मंगलम’ में आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की मंडलीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं।
महापौर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया और अधिकारियों को डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति गंभीर होगा, तभी नगर की रैंकिंग में सुधार संभव है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने पान व तंबाकू की पीक को स्वच्छता पर धब्बा बताते हुए कार्यालयों से स्वच्छता अभियान शुरू करने पर बल दिया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्लम क्षेत्रों की सफाई और डस्टबिन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में अयोध्या मंडल के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, सफाई निरीक्षक, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने सर्विस लेवल प्रोग्रेस, सर्टिफिकेशन और नागरिक फीडबैक पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम को जीरो वेस्ट एवं प्लास्टिक मुक्त रखा गया। अंत में बेहतर रैंकिंग के लिए सभी निकायों ने समन्वित प्रयास का संकल्प लिया तथा पौधरोपण भी किया गया।