अयोध्या। कर वसूली के नाम पर नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई ने मानवता और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फतेहगंज रामजानकी मंदिर के सामने स्थित एक मकान-दुकान को टैक्स बकाया होने का हवाला देकर इस कदर आनन-फानन में सील कर दिया गया कि घर के भीतर सो रही एक युवती बाहर तक नहीं निकल सकी। शटर पर सील लगने के बाद वह भीतर ही फंसी रही, जबकि ठंड के मौसम में बुजुर्ग महिला और उसके पुत्र-पुत्री घर के बाहर सड़क पर बैठने को मजबूर हो गए। समाचार लिखें जाने तक लडकी घर में है तथा बाहर से शटर सील है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता सरोज देवी का यह मकान तीन हिस्सेदारों में बंटा है। कुल करीब 90 हजार रुपये टैक्स बकाया बताया जा रहा है, जिसमें से सरोज देवी के हिस्से का लगभग 30 हजार रुपये उन्होंने अपने पट्टीदार को जमा कराने के लिए दे दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बिना समुचित जांच-पड़ताल किए तीन हिस्सेदारों में से केवल सरोज देवी के हिस्से को ही सील कर दिया।



