अकबरपुर, अंबेडकर नगर। रमाबाई राजकीय महिला महाविद्यालय अकबरपुर में मंगलवार को करियर काउंसिलिंग से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रोफेसर अरविंद कुमार वर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यशाला के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्वान प्राध्यापकों ने छात्राओं को करियर से जुड़े विविध क्षेत्रों, पदों, उनकी तैयारी, पाठ्यक्रम तथा परीक्षा प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि करियर काउंसिलिंग छात्राओं की छिपी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने में सहायक होती है। यह उनकी रुचि, कौशल और मूल्यों के अनुरूप उपयुक्त करियर चयन में मार्गदर्शन प्रदान करती है। साथ ही विभिन्न करियर विकल्पों, रोजगार की संभावनाओं तथा आवश्यक शिक्षा व प्रशिक्षण की जानकारी भी देती है।
कार्यशाला में विशेष वक्ता के रूप में ऑनलाइन माध्यम से पंकज वर्मा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम, तैयारी की रणनीति तथा परीक्षा प्रणाली (प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा व साक्षात्कार) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
कार्यशाला के अंतर्गत सर्वप्रथम इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. रविंद्र कुमार वर्मा ने करियर काउंसिलिंग की आवश्यकता, महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह युवाओं को करियर विकल्पों की पहचान करने और भविष्य को लेकर सही निर्णय लेने में मदद करती है।
समाजशास्त्र विभाग की प्राध्यापक डॉ. सीता पांडेय ने यूपीपीसीएस परीक्षा की प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया, पाठ्यक्रम तथा प्रश्न पत्रों के पैटर्न की जानकारी दी। वहीं शिक्षा शास्त्र विभाग की प्राध्यापक डॉ. सुनीता सिंह ने बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभागों में करियर के अवसरों और उनकी तैयारी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनीता सिंह ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के मुख्य शास्ता डॉ. नंदन सिंह सहित डॉ. अनूप पांडेय, डॉ. महेंद्र यादव, डॉ. सतीश कुमार उपाध्याय, डॉ. भानु प्रताप राय, डॉ. सीमा यादव, विद्याधर मिश्र, डॉ. वालेंतिना प्रिया, डॉ. अस्तुति वर्मा, डॉ. संगीता, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।