अयोध्या। द्वितीय विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। तनाव, चिंता और अवसाद के कारण दुनिया में हर 45 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। ऐसे हालात में मनोस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ध्यान यानी मेडिटेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ ने पिछले वर्ष 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस की शुरुआत की।



